SEO कैसे करे – SEO के टाइप्स – SEO की जानकारी हिंदी में

SEO कैसे करे – SEO के टाइप्स – SEO की जानकारी हिंदी में

हेलो ब्लॉगर्स, आज हम आपको SEO कैसे करे – SEO के टाइप्स – SEO की जानकारी हिंदी में बताएँगे. इस आर्टिकल में हम जानेंगे SEO के बारे में और SEO क्यों जरुरी हे हमारे ब्लॉग /वेबसाइट के लिए.

SEO क्या है – SEO की जानकारी

SEO यानि अपनी वेबसाइट /ब्लॉग को सर्च इंजिन से अधिक ट्रैफिक पाने के लिए ऑप्टिमाइज़ करना. पहले इन्टरनेट पर बहुत काम वेबसाइट /ब्लॉग होते थे. पर अब दुनिया का लगभग हर आदमी इन्टरनेट का यूज़ करता अपको नजर आएगा. इसलिए इन्टरनेट पर अब मिलियंस वेबसाइट /ब्लॉग मौजूद है. उन सभी में से सर्च इंजिन उन्ही लोगो की पोस्ट को फर्स्ट रैंक में शो करता है जिनकी पोस्ट सर्च इंजिन फ्रेंडली हो. तो इतनी सारी वेबसाइट्स /ब्लॉग्स में अपनी साइट सबसे ऊपर दिखने के लिए या फिर कम से कम पहले 2 पेजेस में आने के लिए SEO करना पड़ता हे

वेबसाइट बना के लांच कर दिए तो इस का मतलब यह नहीं है की आप के साइट पर विज़िटर्स आने लगेंगे. विज़िटर्स तभी आएंगे जब आप का साइट सर्च रिजल्ट्स के पहले या दुसरे पेज पर दिखाई देगा. यह तभी होगा जब आप का साइट सर्च इंजिन ऑप्टीमाइज़्ड है. गूगल और दुसरे सर्च इंजिन्स ने ऐसे नियम बनाये है जिस से आप के साइट की तुलना होती है और यह नियमो के आधार पर आप जो करेंगे उन को search engine optimization (SEO) केहते है. SEO से आप के साइट का विजिबिलिटी बढ जाता है.

सभी सर्च इंजिन्स में सबसे ज्यादा पॉपुलर Google है. और इसके पीछे रीज़न है की गूगल इन्टरनेट पर मौजूद सभी कॉन्टेंट्स को अछे तरीके से आयोजन करके सर्च रिजल्ट्स में दिखाता है. और जो भी नए contents होते हैं उनको प्रोपरली index करता है. और जैसे ही कोई इन्टरनेट यूजर उसको गूगल में सर्च करता है, गूगल relavant कॉन्टेंट और keywords के ही बेस पर सर्च रिजल्ट्स शो करता है. तोह आपको Search Engine यानि की Google का काम समझ में आ गया होगा.

अब आते हैं ऑप्टिमाइजेशन पर, ऑप्टिमाइजेशन का सिंपल सा यह मीनिंग है की हम अपने ब्लॉग, ब्लॉग के कॉन्टेंट्स, कीवर्ड्स को ऐसे आयोजन करे की वो Google Search रिजल्ट्स में सबसे पहले ही शो करे. इसी को ऑप्टिमाइज़ करना कहते हैं.

SEO के रैंकिंग फैक्टर्स

निचे हमने कुछ रैंकिंग फैक्टर्स मेंशन किये है. अभी सिर्फ आप आपकी जानकारी के लिए इन्हें याद करले. जब आप आगे के आर्टिकल पढ़ेंगे तो आप उन्हें समझ जायेंगे.

  • Domain-Level
  • Keyword & Content
  • Content Writing Techniques
  • Traffic
  • Domain Brand Value
  • Keyword Usage
  • HTPPs Sites
  • Social Profiles
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SEO ke types

सर्च इंजिन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) के 2 टाइप्स है.

Onsite Search Engine Optimization/On-Page Optimization. (On-Page SEO)

Offsite Search Engine Optimization/Off-Page Optimization (Off-Page SEO)

On-page SEO

On-Page SEO का मतलब है जब आप ब्लॉग पोस्ट करते है तो उस वक्त आप टाइटल, डिस्क्रिप्शन, पर्मालिंक, इमेज, लेबल्स पर गौर करते है और आप ब्लॉग ऐसा लिखते है जिससे आपका ब्लॉग का रैंकिंग बढ़ जाता है Googe Search में. On-page में हमे साइट के ऊपर काम करना पड़ता है. On-page SEO में हमे निचे लिस्ट दी है उन पर काम करना पड़ता है.

 

  • मेटा टैग्स ऑप्टिमाइजेशन (titles, description. Etc)
  • कॉन्टेंट ऑप्टिमाइजेशन (Lengthy Article)
  • इमेजेस ऑप्टिमाइजेशन
  • हैडिंग ऑप्टिमाइजेशन (H1, H2)
  • HTML and CSS एरर्स रिमूव
  • गूगल एनालिटिक्स ऐंड वेबमास्टर इंस्टालेशन
  • GZIP कम्प्रेशन
  • इंटरनल लिंक्स ऑप्टिमाइजेशन
  • इनक्रीस लोडिंग स्पीड ऑफ़ वेबसाइट (Fast Loading Theme)
  • . htaccess फाइल सेटिंग
  • SEO ऑप्टिमाइज़ पर्मालिंक (Url)
  • फोकस कीवर्ड को शुरू के 100 वर्ड्स में ही रखे
  • सोशल शेयरिंग बटन्स उसे करे
  • ऐड मोडिफायर्स इन टाइटल
  • पोस्ट डिस्क्रिप्शन

 Off-page SEO

जब हम on-page का काम ख़तम करते है उसके बाद हमारा अगला कदम होता off-page. Off-page ऑप्टिमाइजेशन में हमे पूरा काम आपने साइट से बहार करना पड़ता है. मतलब off-page में सब काम लिंक बिल्डिंग का होता है. Off-Page SEO का मतलब वो होता है जिसमे आप अपने ब्लॉग के रैंकिंग को बढ़ाने के लिए आप ब्लॉगर के बजाय कही और कुछ ऐसा करते है जिससे आपका ब्लॉग का रैंकिंग बढ़ जाता है. Off-Page SEO का सबसे बड़ा पार्ट है Social Sites जिसमे आप अपने ब्लॉग वेबसाइट की Posting share करते है और ब्लॉग के बारे में पोस्टिंग करते रेह्ते है. Off-page SEO में हमे निचे लिस्ट दी है उन पर काम करना पड़ता है.

  • डिरेक्टरी सबमिशन
  • आर्टिकल सबमिशन
  • प्रेस रिलीज़ सबमिशन
  • विडियो सबमिशन
  • ब्लॉग कमैंट्स
  • गेस्ट पोस्टिंग
  • ब्लॉग की मार्केटिंग
  • फोरम मार्केटिंग
  • सोशल बुकमार्किंग
  • सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपने ब्लॉग /वेबसाइट को शेयर करे
  • वेबसाइट /ब्लॉग की इमेजेस को फोटो शेयरिंग वेबसाइट्स पर ऐड करे

Blackhate SEO ऐंड Whitehate SEO

Blackhate : Blackhate seo सर्च इंजिन के रूल्स के खिलाफ किया जाता है. Ex. आपने वेबपेज पर ढेर सरे केवर्ड्स डालना, सर्च इंजिन को अलग इनफार्मेशन देना और यूजर को अलग इनफार्मेशन देना etc. और भी बहोत टेक्निक्स होते है. Blackhate seo करके हमे सिर्फ कुछ दिन फायदा मिलेगा उसके बाद सर्च इंजिन हमारी साइट को पेनालिज़ कर देगा. Blackhate मतलब टाइम वास्ते है वो नही करना चाहिए.

Whitehate : Whitehate seo को करते समय हम सर्च इंजिन के रूल्स के अंदर काम करते है. Whitehate करते समय हम सर्च इंजिन का कोई रूल नहीं तोड़ते सब रूल फॉलो करते है. इसलिए ये सेव करने से हमारी साइट का कुछ भी नुकसान नहीं होता और इसका फायदा हमे ज्यादा दिन मिलता है. मैं आपको whitehate ही सिखने की सलाह दूंगा.

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