प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDSA) – ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना

प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDSA) एक नई आगामी योजना है। 8 फरवरी 2017 को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस योजना को मंजूरी दे दी गई है। 2,351.38 करोड़ रुपये की योजना के माध्यम से मार्च 2019 तक 6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में डिजिटल इंडिया पहल के तहत मार्च 2019 तक योजना को लागू करने के लिए 2,351.38 रुपये के परिव्यय के साथ इस योजना को मंजूरी दे दी है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDSA)

प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDSA) शुरू होने के बाद दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम होगा। इस योजना को राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी (DeGS), आदि के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सक्रिय सहयोग से इलेक्ट्रानिक्स मंत्रालय की देखरेख में लागू किया जाएगा।

योजना को बहुत जल्द ही शुरू किया जाएगा क्योंकि सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के भीतर करीब 25 लाख उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। 6 करोड़ में से 2.75 करोड़ को वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रशिक्षित किया जाएगा और बाद में वित्तीय वर्ष 2018-19 में 3 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया जायेगा।

प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान का परिपालन (PMGDSA)

इस योजना की देश भर में न्यायसंगत भौगोलिक पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए लागू किया जाएगा। सरकार 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक को कम से कम 200-300 उम्मीदवारों के पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करेगी।

इस योजना के माध्यम से ग्रामीण भारत में रहने वाले लोगों को कंप्यूटर, स्मार्टफोन और टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरणों के उपयोग के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना के तहत उम्मीदवारों को इंटरनेट, ई-मेल भेजने और प्राप्त करने, इंटरनेट ब्राउज़ करने, डिजिटल भुगतान, सरकार की जानकारी प्राप्त करना और और कुछ अन्य बुनियादी आईटी (IT) अनुप्रयोगों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDSA) के माध्यम से डिजिटल भारत के उद्देश्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। साक्षर लोगों को ऑनलाइन कैशलेस लेनदेन के बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे केन्द्र सरकार की कैशलेस भारत पहल में भी योगदान मिलेगा। लोगों को मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करने में सक्षम किया जायेगा।

सरकार ने इस योजना के तहत ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने का फैसला लिया गया है। एनएसएसओ (NSSO) के 2014 के सर्वेक्षण के अनुसार 16.85 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 1.8 करोड़ परिवारों के पास कंप्यूटर है। इस प्रकार से शेष 15 करोड़ परिवारों में से ज्यादातर के डिजिटल अनपढ़ होने की संभावना है।

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